पुष्कर (तीर्थ-राज) आप भी जाना चाहते है जाने यहाँ की खासियत क्यों प्रसिद्ध है ये स्थान जानें?
दोस्तों पुष्कर शहर के बारे
में तो आप जानते ही हो क्योंकी ये शहर अपने मंदिरों के लिए फेमस है
पुष्कर का इतिहास
दोस्तों पुष्कर भारत के
प्राचीन शहरों में एक है, पुष्कर का संस्कृत भाषा में अर्थ है कमल का फूल, पुष्कर
राजस्थान राज्ये के अजमेर जिले मैं स्थित अरावली पर्वत माला के बिच स्थित है
पुष्कर मै कई मंदिर है
लेकीन सबसे लोकप्रिय प्रसिद्ध मंदिर ब्रम्हा मंदिर है ,जो दुनिया में एक है और
पुष्कर को झील के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है
कहा जाता है ब्रम्हा ने
यहाँ आकर यज्ञे किया था हिन्दुओ के प्रमुख तीर्थ स्थानों में से एक ही ब्रम्हा
मंदिर है जो पुष्कर में स्थित है
यहा वराह और शिव के आत्मेश्वर
मंदिर भी है लेकिन ऐसा कहा जाता है की
यहाँ के प्राचीन मंदिरों को मुग़ल सम्राट ओरंगजेब ने नष्ट भ्रष्ट कर दिया था पुष्कर
झील पर बने 52 घाट धनि-मनी व्यक्तियों द्वारा बनाया गया था
पुष्कर का उलेख रामायण में
भी किया गया है
और इस शहर की एक और खासियत
है केमल फेयर यानि ऊँटो का मैला जिसे देखने विदेशी पर्यटन भी आते है
और यहाँ और भी कही उच्च लेवल
के पशुओ की बोली लगती है जिनकी रेट करोडो मै होती है क्या है आखिर यहाँ की खासियत
आज हम लोग जानेगे की पुष्कर
में और कोनसी जगह फेमस हे, कब लगता है पुष्कर फेयर , कैसे घुमे पुष्कर में ,
दोस्तों पुष्कर को तीर्थ
नगरी के नाम से भी जाना जाता है यहाँ ऐसा माना जाता है की यहाँ 52 घाट पवित्र जल
में डुबकी(स्नान) लगाने और ब्रम्हा मंदिर के दर्शन करने के बाद आपके
साहरे पाप मिट जाते है यहाँ
राजस्थान के लोग कार्तिक में ब्रम्हा मंदिर के दर्शन वे 52 घाट पर नहाकर अपने को
पवित्र करते है इनके अलावा कही राज्ये के लोग यहाँ आने
का अपना सोभाग्ये समजते है
पुष्कर का दरसन हर कोई इन्सान करने का प्लान बनाते है यहाँ भारत के लोग ही नही बल्कि
विदेशी पर्यटन भी अधिक संख्या में आते है हर साल
पुष्कर का मैला विश्व में
फैमस मेला है , ब्रम्हा मंदिर पुरे विश्व में एक ही ऐसा मंदिर है जहाँ हर साल
श्रदालुओ की भीड़ लगती है
तो जानते है यंहा की प्रसिद
जगह जिनका आप भी यहाँ आकर ब्रम्हा मंदिर के दर्शन कर सकते है
पुष्कर मैला
![]() |
| camel fair pushkar |
अजमेर से 12 km की दुरी पर
स्थित तीर्थ स्थल पुष्कर है, यहाँ कार्तिक की पूर्णिमा को मैला लगता है जिसमे बड़ी
संख्या म विदेशी पर्यटन भी आते है
यहाँ की व्यवस्था स्थानीय
प्रशासन करते है और यहाँ पर कला संस्कृति का आयोजन किया जाता है
और इस समय यहाँ पर पशु मैले का भी आयोजन किया जाता है और पशुओ से
साम्बंधित विभिन कार्येक्रम भी किये जाते है यहाँ श्रेष्ठ पशु नसल को पुरिश्क्रित
भी किया जाता है
यहाँ का डेजर्ट भी
स्र्हनिये है यहाँ हर साल लगने अले ऊंट मेले ने तो दुनिया मै एक अलग ही पहचान दे दी
मैला रेत के अलग स्थान मैं लगाया जाता है और यहाँ पर राजस्थान व् आस पास के
आदिवासी व् ग्रामीण के लोग अपने पशुओ के साथ यहाँ आते है यहाँ कई दुकाने भी लगती है
जैसे खाने पाने की सरकस, झूले, और भी और भी बहुत कुछ यह मैला पशु मैले में एक अलग ही
पहचान बना रहा है इस मैले ऊँटो के के कई बड़े बड़े झुण्ड नजर आते है जिनकी बोलिया
लगती है व् यहाँ ऊँटो की खरीददारी भी कई अधिक मात्र म होती है ये (अक्टूबर-नवम्बर)
में स्थापित किया जाता है हर साल
पुष्कर मैं लगभग 500 मंदिर
स्थित है जहा हर साल हारी मात्र मैं भक्तों का दौरा किया जाता है
ब्रम्हा मंदिर के बारे मैं जानकारी
पुष्कर मैं 500 से अधिक
मंदिर है लेकिन इनमे से सबसे लोकप्रिय मंदिर है ब्रम्हा मंदिर, ब्रम्हा मंदिर को
जगत पिता भी कहा जाता है ये मंदिर संगमरमर से बना हुआ है जो बहुत ही सरहनिये है इस
मंदिर मैं ब्रम्हा व् उनकी पत्नी गायत्री की मूर्ति है, मंदिर के प्रवेश द्वार पर
एक हंस है जो पवित्र झील के साथ भक्त मंदिर मैं उनकी यात्रा को जोड़ता है
यह मंदिर गर्मियों के दौरान
पुरे दिन सुबह 5 बजे से 1.30 बजे और शाम 3 से 9 बजे तक खुला रहता ही सर्दियों में
6 से 8:30 बजे तक खुला रहता है
पुष्कर की और प्रसिद्ध जगह
ब्रम्हा मंदिर
पुष्कर झील
वराह मंदिर
पुष्कर पशु मैला
रंगजी मंदिर
सिंह सभा गुरुद्वारा
दिगंबर जैन मंदिर
मीरा मंदिर मेड़ता सिटी
सावित्री मंदिर
स्पॉट पाप मोचनी मंदिर
नाग पहाड़
आत्मेश्वर मंदिर
रोज गार्डन
मन महल
पुष्कर बाज़ार
पुष्कर का प्रसिद्ध भोजन
यहाँ की भोजन सामग्री
पर्यटनो को बहुत पसंद आती है ,
यहाँ हर प्रकार की भोजन
मेनू उपलब्ध है लेकिन यहाँ का स्थानीय भोजन जो पुष्कर को और सराहनिए बनता है
ये बहुत ही कम कीमत मैं
आपको मिल जायेगा, यहाँ के स्थानीय फ़ूड में मालपुआ, पोहा, दल बाटी, चूरमा,कड़ी कचोरी
और लस्सी जैसे भोज्ये पदार्थ उपलब्ध है
पुष्कर कैसे पहुंचे
अगर आपने पुष्कर जाने का
प्लान बना ही लिया है तो आप यहाँ पहुचने के लिए रेल,बस या हवाई जहाज को भी चुन
सकते है
रेल व् बस से कैसे पहुंचे
रेल व् बस से पहंचने के लिए
अजमेर से ये साधन उपलब्ध है जो पुष्कर से लगभग 12 km की दुरी पर स्थित है
हवाई जहाज से कैसे पहुंचे
दोस्तों हवाई जहाज से पहुचने
के लिए आपको 150 km की यात्रा बस या रेल से यात्रा करनी पड़ेगी
हवाई अड्डा सांगानेर जयपुर
में स्थित है जो पुष्कर से 150 km की दुरी पर स्थित है
नोट:- और ऐसी जानकारी के लिए फॉलो करे और शयर करे
यह भी पढ़े




No comments:
Post a Comment
if you have any doubts, Please let me know